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Effect Of Coronavirus On Indian Economy – Analysis By Rating Agencies

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Effect Of COVID-19 On Indian Economy - Analysis By Rating Agencies

As the global economist and rating agencies unanimously speak about the impending global recession, which might even fall further than the 2009 recession, every economy is preparing to face the same amidst COVID-19 outbreak. India is no exception to the upcoming recession, which is predicted to take the turn of depression as well.

However, India is said to have a silver lining as experts believe that it might not slip into recession, unlike the Eurozone, the US, or Asia-Pacific that have stronger trade ties with China, analysts assume the impact of the recession on India’s GDP will be significant.

India is currently amid a 21-day lockdown, that began on March 25, to contain the spread of the coronavirus. The result of this move will spill over to the financial year 2021, which starts on April 1.

On March 26, Finance Minister Nirmala Sitharaman announced Rs 1.7 lakh crore relief package aimed at cushioning the turmoil. India’s central bank joined the fight the following day with sharp interest rate cuts and a slew of unconventional measures directed at making credit available to blockaded businesses.

In India, GDP growth is already at a decadal low, and any further dip in economic output will bring more misery to workers who have seen their wages erode in recent times.

Here’s what major rating agencies forecast about India’s GDP growth:

Moody’s

Moody’s Investors Service, on March 27, sharply slashed its prediction for India’s GDP growth in the calendar year 2020 from 5.3 per cent to 2.5 per cent. This is the second markdown within ten days and it came after Prime Minister Narendra Modi announced the 21-day lockdown due to coronavirus.

In its Global Macro Outlook 2020-21, Moody’s indicated severe liquidity constraints in India’s banking and non-banking sectors as a hindrance to growth.

The Moody’s forecast for the worldwide economy was even more stark— a real GDP in the global economy to contract by 0.5 per cent in 2020, followed by a pickup to 3.2 per cent in 2021.

Standard & Poor’s

Earlier, global rating agency S&P had estimated India’s GDP growth for the fiscal year 2021 at 6.5 per cent, which on March 23 have been slashed and is expected to fall to 5.2 per cent. In the following year, growth is likely to be 6.9 per cent, compared to 7 per cent estimated earlier.

For the fiscal that ended on March 31, it had set the real GDP estimate at 5 per cent. It expected a 7 per cent growth in 2022-23 and 2023-24 fiscal years.

S&P stated that a recession across Asia-Pacific is now inevitable due to disturbances in China. As on March 23, S&P noted that the effect of policy measures aimed at assisting vulnerable sectors and workers would “wane the longer the crisis lasts.”

Fitch

In its Global Economic Outlook 2020, published on March 20, Fitch Ratings said India’s GDP would grow at 5.1 per cent in the fiscal year 2021. This is a downward revision of its earlier estimate of 5.6 per cent in December 2019.

Fitch pointed out the risk from failure of Yes Bank apart from the COVID-19 pandemic. The financially troubled private lender was recently taken over by a consortium led by the State Bank of India under the shelter of the Reserve Bank of India (RBI).

Adding to this, Fitch stated that “The overall financial system remains burdened with weak balance sheets, which will curb any upside to credit growth despite policymakers’ efforts in recent months to ease stress.”

Crisil

In a note on March 26, domestic rating agency Crisil cut its base-case GDP growth forecast for India in the financial year 2021 from 5.7 per cent to 5.2 per cent. It predicted that there are further downside risks if the COVID-19 pandemic is not contained by April-June 2020, or if it spreads rapidly in India, affecting domestic consumption, and investment.

The pandemic is a threat greater in scale than the global financial crisis of 2008 as it not only crashes the brakes on economic activity and endangers financial stability, but also brings with it immense human misery not seen in decades.

CARE Ratings

Mumbai-based CARE predicts that growth in the January-March 2020 quarter could plunge to 1.5-2.5 per cent “as the usual ramping up of production due in the year-end could not be implemented due to the shutdown.” Earlier CARE predicted a 4.7 per cent growth in the period.

CARE further added the real impact of the 21-day lockdown would be felt in the first quarter of the budgetary year 2021. It stated “with two-thirds of the impact being passed on to the April-June quarter. This can potentially lead to a de-growth in GDP.”

Several recouping have to be done during “the ten weeks following the shutdown” to prevent GDP from contracting in the first quarter. GDP can grow at 3 per cent if there is a recovery of losses and the lockdown ends on April 14. Two factors that have to drive this recovery aggressively are government expenditure and the banking sector, which should augment credit to all the sectors. Growth could be lower at 1.5-2 per cent if this does not happen.

Hindi

हेलीकॉप्टर दुर्घटना में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य की मौत

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General Bipin Rawat

तमिलनाडु के कन्नूर में वायुसेना के हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 11 अन्य लोगों का निधन हो गया है। सीडीएस बिपिन रावत सेना के Mi-17V5 हेलिकॉप्टर कोयंबटूर के सुलूर एयरबेस से वेलिंगटन की ओर जा रहे थे, जहां कॉलेज के एक कार्यक्रम में उन्हें हिस्सा लेना था। हेलिकॉप्टर सुलूर से वेलिंगटन की ओर जाते समय कुन्नूर में क्रैश हुआ। सीडीएस बिपिन रावत का हेलिकॉप्टर नीलगिरी के जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हुआ, इस इलाके को टी एस्टेट भी कहा जाता है। वायुसेना के हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जनरल रावत को घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। वायुसेना ने ट्वीट करते हुऐ इस बात की पुष्टि की है। वायुसेना की जानकारी के अनुसार 14 में से 13 लोगों की मौत हो चुकी है और ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का अस्पताल में इलाज चल रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि दुर्घटना कोहरे की स्थिति के चलते साफ न दिखाई देने के कारण हुई है। वायुसेना ने कहा कि हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

जिस हेलिकॉप्टर में जनरल रावत सवार थे वह हेलीकॉप्टर एमआई सीरीज का था। Mi-17V5 हेलिकॉप्टर में दो इंजन होते हैं और इसे वीआईपी चॉपर कहा जाता है। काफी लंबे समय से वायुसेना इसका इस्तेमाल करती आई है। यदि कहीं हवाई पट्टी की सुविधा उपलब्ध नहीं होती तो वहां पर वीआईपी मूवमेंट इसी हेलीकॉप्टर के जरिए होता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत कई नेताओं और अभिनेताओं ने जनरल रावत के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विट करते हुए कहा “तमिलनाडु में हेलिकॉप्टर दुर्घटना से मैं बहुत दुखी हूं, जिसमें हमने जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और सशस्त्र बलों के अन्य कर्मियों को खो दिया है। उन्होंने अत्यंत परिश्रम के साथ भारत की सेवा की। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।

जहां जनरल रावत के निधन पर पूरा देश शोक व्यक्त कर रहा हैं वहीं सेवानिवृत्त सेना अधिकारी कर्नल बलजीत बख्शी ने संवेदनहीनता भरा ट्वीट किया जिसमे उन्होंने कहा, “कर्म का लोगों से निपटने का अपना तरीका है।” हालांकि लोगों की कड़ी निंदा के बाद उन्होंने अपने अकाउंट से ट्वीट को डिलीट कर दिया।

इतिहास:

चीफ डिफेंस ऑफ़ स्टाफ विपिन रावत का जन्म उत्तराखंड के पौरी गढ़वाल जिले में हुआ था। लम्बे समय तक फ़ौज में रहने के दौरान जनरल रावत को सेना के प्रमुख सम्मानों से सम्मानित किया गया था। 16 दिसंबर 1978, में जनरल रावत पहली बार मिजोरम के 11वीं गोरखा रायफल की 5वीं बटालियन में कमीशन पर शामिल हुए थे।

जनरल रावत के पिता भी इस यूनिट का हिस्सा थे। उन्होंने अपने पिता से युद्धनीति सीखी, जिनका आगे जंग में उन्होंने भरपूर इस्तेमाल किया। भारत-चीन युद्ध के दौरान जनरल रावत ने मोर्चा संभाला था। इस दौरान उन्होंने नार्थ ईस्ट फ्रॉन्टियर एजेंसी बटालियन की कमान संभाली थी। इसके अलावा उन्होंने कांगो में संयुक्त राष्ट्र की पीसकीपिंग फोर्स की भी अगुवाई की। चीन से जंग के दौरान भी जनरल रावत ने बहादुरी का परिचय दिया था। वर्ष 1962 में मैकमोहन रेखा पर गतिरोध को लेकर जनरल रावत ने पहली बार चीन से लोहा लिया और बहादुरी से उन्हें रोके रखा। जम्मू-कश्मीर में शांति कायम करने के लिए उन्होंने एक कंपनी की कमान संभाली और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के अलावा पूर्वी सेक्टर पर पांचवीं बटालियन 11 गोरखा राइफल्स की कमान भी उन्होंने संभाली थी। 1 सितंबर, 2016 को जनरल रावत ने सेना के उप-प्रमुख का पद संभाला और 31 दिसंबर 2016 को सेना चीफ का पद पर अधिकृत थे। उनकी कार्य कुशलता और अनुभव को देखते हुए भारत सरकार ने 1 जनवरी 2020 में जनरल रावत को तीनों सेना का प्रमुख यानी चीफ डिफेन्स ऑफ़ स्टाफ बनाया।

सेना में रहते हुए उन्हें अब तक परम विशिष्ट सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, युद्ध सेवा पदक, सेना पदक, विशिष्ट सेवा पदक से भी सम्मानित किया गया।

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Corona

ओमिक्रॉन वैरिएंट के चलते भारत में स्थगित हुई अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा

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Omicron | News Aur Chai | International Flight Ban

कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण भारत में पूर्व निर्धारित अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं रोक दी गई हैं। सरकार की तरफ से पहले यह फैसला किया गया था कि 15 दिसंबर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू किया जाएगा। लेकिन ओमिक्रोन के खतरे को मद्दे नज़र रखते हुए अब इस फैसले को टाल दिया गया है। यानी अब भारत में 15 दिसंबर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू नहीं हो पाएंगी। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन की तरफ से कहा गया है कि वो अपने पूर्व के फैसले पर पुनर्विचार करेगें।

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 नवंबर को ओमिक्रॉन को लेकर बैठक की थी और इसी दौरान 15 दिसंबर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने के फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा गया था। प्रधानमंत्री ने विदेश से आने वाले लोगों की सख्त निगरानी करने की बात भी कही थी। ओमिक्रॉन के चलते हाल ही में सिक्किम ने विदेशी यात्रियों के आने-जाने पर रोक लगा दी है।

पिछले वर्ष कोरोना के चलते एहतियातन देश में नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई थी। हालांकि कुछ समय बाद कई देशों के साथ सीमित हवाई सेवा शुरू कर दी गई थी। ऐसा माना जा रहा था की इस बार क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों के मौके पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर से शुरू कर दी जाएंगी लेकीन, दक्षिण अफ्रीका में पाए गए ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण अभी इस पर ब्रेक लगता दिख रहा है।

कई देशों में इस खतरनाक वैरिएंट को लेकर गाइडलाइंस जारी कर दी गई हैं, और इससे बचने के लिए अनेकों ऐ‍हतियात बरते जा रहे है। WHO ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’, यानि चिंताजनक घोषित किया है।

जनरल वीके सिंह ने सोमवार को कहा था कि “अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से शुरू करने के लिए हम पर जनता का जबरदस्त दबाव है”। हम सभी नियमों का पालन कर रहे हैं और सावधानी बरत रहे हैं। बाहर से आने वाले हर व्यक्ति का परीक्षण और जांच हवाई अड्डे पर किया जा रहा है। परिणामों को देखने के बाद ही, उन्हें अनुमति दी जा रही है।

कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों के तहत अब यात्रियों को 14 दिन की यात्रा जानकारी और कोरोना वायरस की निगेटिव आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट एयर सुविधा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार खतरे की श्रेणी में आने वाले देशों के यात्रियों को भारत पहुंचने पर कोरोना जांच करवानी होगी और जांच का परिणाम आने तक एयरपोर्ट पर ही इंतजार करना होगा। अगर उनकी जांच निगेटिव आती है तो उन्हें सात दिन तक होम क्वारंटीन में रहना होगा और आठवें दिन फिर जांच की जाएगी। इस बार भी निगेटिव आने पर उन्हें अगले सात दिन के लिए खुद अपने स्वास्थ्य पर नजर रखने को कहा जाएगा।

कोरोना वायरस का नया वैरियंट ओमीक्रोन भारत में भी दस्तक दे चुका है। साथ ही साथ ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बोत्सवाना, ब्राजील, कनाडा, चेक गणराज्य, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, घाना, हांगकांग, आयरलैंड, इजराइल, इटली, जापान, मोजाम्बिक, नीदरलैंड, नाइजीरिया, नॉर्वे, पुर्तगाल, रीयूनियन द्वीपसमूह, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्वीडन, स्विटजरलैंड, यूएई, ब्रिटेन और अमेरिका भी ओमीक्रोन के गिरफ्त में आ चुके हैं।

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जम्मू-कश्मीर में गैर-कश्मीरी नागरिकों पर आतंकियों का बढता अत्याचार!

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Kashmir | News Aur Chai
जम्मू-कश्मीर में बीते कुछ दिनों से गैर-कश्मीरी नागरीकों पर आतंकी हमलों के मामले सामने आ रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर में बीते कुछ दिनों से गैर-कश्मीरी नागरीकों पर आतंकी हमलों के मामले सामने आ रहे हैं। खासतौर से गैर-कश्मीरी मजदूरों को निशाना बनाया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा अब तक नौ नागरीकों की हत्या कर दी गई है। 5 अक्टूबर को श्रीनगर में आतंकियो ने वीरेंद्र पासवान की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वीरेंद्र पासवान बिहार का रहनेवाला था और पिछले दो वर्षों से श्रीनगर में गोलगप्पे बेचता था। आतंकियों ने 6 अक्टूबर को फार्मेसी मालिक एम.एल बिंदू, स्ट्रीट वेंडर और एक टैक्सी ड्राइवर की हत्या कर दी थी। श्रीनगर के ईदगाह इलाके में आतंकियों ने स्कूल की मुख्य अध्यापिका सुपिंदर कौर और अध्यापक दीपक शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी।

16 अक्टूबर को अरविंद कुमार साह पर आतंकियों द्वारा गोली चलाई गई, उन्हें गंभीर स्थिति में श्रीनगर के SMHS अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अरविंद कुमार बिहार के बांका जिले में रहनेवाले थे और श्रीनगर में गोलगप्पे बेचते थे। 16 अक्टूबर की ही शाम को आतंकियों ने पुलवामा में सगीर अहमद नाम के व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी। सगीर अहमद उत्तरप्रदेश का रहनेवाला था एवं पेशे से वह एक कार्पेंटर था। 17 अक्टूबर, रविवार को आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में के तीन मजदूरों को गोली मार दी, जिससे दो मजदूरों की मृत्यु हो गई और एक मजदूर बुरी तरह से घायल हो गया।

कश्मीर के अलग अलग हिस्सों में अनेकों प्रवासी बसे हुए हैं। अधिकतर लोग रोजगार की तलाश में बिहार से कश्मीर आए हुए हैं। लोगों का कहना है कि वे अगले महीने तक अपने घर बिहार जाना चाहते थे मगर दहशतगर्दों के कारण उन्हें काम छोड़कर बीच में ही जाना पढ़ रहा है। लोग डरे हुए हैं कि यदि स्थिति जल्द से जल्द सामान्य नहीं हुई तो उनका रोजगार और बच्चों की पढ़ाई छुट जाएगी।

27 वर्षों से कश्मीर में रह रहे 45 वर्षीय पंकज पासवान का कहना है कि उन्होंने इतने वर्षों में कश्मीर की इससे भी बदतर हालत देखी है। उनका कहना है कि एक के बाद एक हो रही हत्याओं से कश्मीर में दहशत का माहौल बना हुआ है और वे भी इस समय बिहार लौट जाना चाहते हैं। आतंकियों द्वारा निशाना बनाए गए नागरिकों का कहना है कि अनुच्छेद-370 के हटने से और कश्मीर के विकास से आतंकी बौखलाए हुए हैं। इसी वजह से वो लोगों पर हमला कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि रविवार को हुए आतंकी हमले से पहले उन्हें उम्मीद थी कि हालात सुधर जाएंगे मगर लगातार हो रही हत्याओं से उन्हें भी जान का खतरा बना हुआ है।

पीडीपी अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती का कहना है कि, यह घटना निंदनीय है। भोले भाले लोगों को बेवजह मरना और उनका रोज़गार छीनना बेहद दुःख की बात है।

बीजेपी के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि यह शत प्रतिशत नरसंहार है, गैर-कश्मीरियों की यह भीषण हत्या बिल्कुल अमानवीय है और यह आतंकियों की बौखलाहट को दर्शाता है।

सीपीआई के नेता मोहम्मद युसूफ तारिगामी का कहना है कि भोले भाले मजदूरों की हत्या एक जघन्य अपराध है, सिर्फ निंदा करना काफी नहीं है, ऐसे समय में सभी को एकजुट होकर इस तरह के अपराध के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और आतंकियों को कड़ी सजा देनी चाहिए।

जम्मू कश्मीर की लेफ्टनेंट गवर्न मनोज सिन्हा ने कहा है की निर्दोषों के खून का बदला इन आतंकियों से लिया जायेगा, कश्मीर की शांति को भंग करने कि कोशिश की जा रही है, लोगों को आगे बढ़ने से रोका जा रहा है, कश्मीर के विकास को रोकने की साजिश हो रही है मगर हम ऐसा नहीं होने देंगे। मनोज सिन्हा ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘आवाम की आवाज’ में कहा “आतंकी हमले में मारे गए के लिए मैं शोक व्यक्त करता हूं, हम सभी लोग आपके साथ हैं और आतंकियों से हार एक हत्या का पूरा बदला लिया जायेगा यह मेरा वादा है”।

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